सोनभद्र में मुकेश साहनी ने गंगाजल लेकर दिलाया निषाद आरक्षण का संकल्प, बोले- आरक्षण मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष : Navbharat Times
स्रोत: Navbharat Times
ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी, सोनभद्र:
निषाद आरक्षण संकल्प अभियान के तहत विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश साहनी शनिवार को सोनभद्र पहुंचे। रॉबर्ट्सगंज के हिंदुआरी मोड़ पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वह कार्यकर्ताओं के काफिले के साथ सम्मेलन स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने निषाद समाज को अनुसूचित जाति (एससी) का आरक्षण दिए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मुकेश साहनी ने मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हाथ में गंगाजल लेकर निषाद समाज को आरक्षण मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत गांव-गांव जाकर समाज के लोगों को जागरूक करने और अभियान से जोड़ने की तैयारी है।
साहनी ने कहा कि निषाद समाज को आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा। सोनभद्र में आयोजित कार्यक्रम को इसी अभियान की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, अभियान को प्रदेशभर में गांव, टोले और घर-घर तक ले जाने की बात भी कही गई है।
संजय निषाद पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में मुकेश साहनी ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद को लेकर कहा कि निषाद समाज को आरक्षण दिलाने का वादा किया गया था, लेकिन कई वर्ष बीतने के बाद भी यह मुद्दा लंबित है।
साहनी ने आरक्षण के सवाल पर संजय निषाद की भूमिका पर भी सवाल उठाए। निषाद आरक्षण को लेकर दोनों नेताओं के बीच पहले भी सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी होती रही है। अप्रैल में सहनी ने संजय निषाद को आरक्षण के मुद्दे पर छह महीने का समय देने की बात कही थी।
'अपने मुद्दों के आधार पर राजनीतिक फैसला ले समाज'
मुकेश साहनी ने निषाद समाज से अपने हितों और मुद्दों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसे वोट देना है, इसका फैसला मतदाता स्वयं करेंगे।
आरक्षण के मुद्दे को लेकर सहनी इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में अभियान और राजनीतिक भागीदारी की बात उठा चुके हैं। जून 2026 में उन्होंने यूपी में निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा की घोषणा की थी, जिसके तहत समाज को अभियान से जोड़ने की बात कही गई थी।
बिंद और केवट समेत संबंधित समुदायों को आरक्षण की मांग
साहनी ने पश्चिम बंगाल और दिल्ली में आरक्षण की व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार में निषाद समाज के आरक्षण को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने बिंद, केवट और संबंधित समुदायों को भी आरक्षण के दायरे में शामिल किए जाने की मांग रखी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने निषाद समाज को आरक्षण दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार, अब इस अभियान को गांव-गांव तक ले जाने और अधिक से अधिक लोगों को संकल्प कार्यक्रमों के माध्यम से जोड़ने की तैयारी है।
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